top of page
Search

लीगल एम्बिट के एक खास सदस्य बाबू खान को लीगल एम्बिट के कार्यकारणी सदस्यों द्वारा श्रद्धांजलि



बहुत ही दुख के साथ हम अपने लीगल एम्बिट परिवार के प्रिय सदस्य, बाबू खान को विदाई दे रहे हैं, जिनका हाल ही में हृदयाघात के कारण निधन हो गया। उनके जाने से एक ऐसा शून्य उत्पन्न हो गया है जिसे भर पाना कठिन है।


बाबू खान सिर्फ एक सहकर्मी ही नहीं, बल्कि एक मित्र, मार्गदर्शक, और हमारे सदसियो के लिए प्रेरणा के स्रोत थे। उनका काम के प्रति समर्पण अतुलनीय था, और न्याय और उचितता के प्रति उनका जुनून हर मामले में स्पष्ट था। उन्होंने कानूनी क्षेत्र में अनेक योगदान दिए और उनकी सूझ-बूझ और ज्ञान अमूल्य थे।


उनकी पेशेवर उपलब्धियों से इतर, बाबू जी की पहचान उनके दयालु हृदय और उदार आत्मा के लिए थी। वे हमेशा तैयार रहते थे, चाहे वह किसी जूनियर सहकर्मी को सलाह देने की बात हो या सामुदायिक पहल का समर्थन करने की। उनकी सहानुभूति और मित्रता ने उन्हें सभी का प्रिय बना दिया था।


बाबू खान को याद करते हुए, उन्हें सम्मानित करते हैं। वह लीगल एम्बिट के मूल्यों के सच्चे प्रतिबिंब थे, और उनकी विरासत हमें प्रेरित करती रहेगी।

इस कठिन समय में हम बाबू खान के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करते हैं। उन्हें यह जानकर सांत्वना मिले कि उनका जीवन अनेकों के लिए वरदान था और उनकी याद हमेशा संजोई जाएगी।

उनके सम्मान में, आइए हम उत्कृष्टता और करुणा के साथ काम करने का प्रयास करें, जैसा कि बाबू जी ने अपने अद्भुत जीवन में किया था। वह हमें बहुत याद आएंगे, पर कभी भुलाए नहीं जाएंगे।


शांति में रहें, बाबू खान। आपकी आत्मा उन सभी के दिलों में जीवित रहेगी जिन्हें आपने छुआ है। जो भी साथी उनकी घर के लोगो की साहियता के लिए आगे आना चाहे वो आ सकते है. निचे दिए गए स्कैनर को स्कैन करे और अपना योगदान दे.



127 views0 comments

Recent Posts

See All

भारत मे शासन आपका अपना हो

भारत मे शासन आपका अपना हो. 1. किसी भी कार्यालय में जब आप जायेंगे तो अधिकारी-कर्मचारी आपको नमस्कार करें, जैसे अभी हम MLA, MP, सरकारी कर्मचारी या किसी अन्य राजनेता को करते हैं. आप है शासन के असली मालिक

आरटीआई की दूसरी (2nd)अपील

#आरटीआई_की_दूसरी_अपील आरटीआई अधिनियम सभी नागरिकों को लोक प्राधिकरण द्वारा धारित सूचना की अभिगम्‍यता का अधिकार प्रदान करता है। यदि आपको किसी सूचना की अभिगम्‍यता प्रदान करने से मना किया गया हो तो आप केन

कंज्यूमर कोर्ट के चक्कर काटे बिना, ग्राहकों को मिलेगा उनका हक; ऑनलाइन सुनवाई शुरू

कंज्यूमर कोर्ट के चक्कर काटे बिना, ग्राहकों को मिलेगा उनका हक; ऑनलाइन सुनवाई शुरू क्या है कन्ज्यूमर कोर्ट? दरअसल जब हम किसी सामान की खरीददारी करते हैं तो कई बार धोखाधड़ी के शिकार भी होते हैं. लेकिन अक

Comments


Post: Blog2_Post
bottom of page