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आखिर #लीगल_अम्बिट यात्रा का उद्देश्य क्या है ? हम क्यों घूम रहे है, गाँव गाँव ?


साथियों,

#लीगल_अम्बिट की जमीन तैयार करने के लिए 3 स्तर पर काम करना है. लीगल अम्बिट विचारों को समाज में स्थापित करना है, हजार सक्रिय, जागरूक और जिम्मेदार साथियों का अद्भुत संगठन तैयार करना है और फिर कई मुद्दों पर अभियान को धरातल पर तेज करना है. जल्दबाजी में, राजनेताओं की तरह, हल्ला नहीं करना है. लाश नीति या ड्रामा से काम नहीं करना है. हमें अपने काम को अपने ढंग से करना है.

हमें भीड़ में भी कोई रुचि नहीं है. भीड़ तेज बहते पानी तरह होती है, गहरे में वह पानी नहीं जाता है. संगठित और संयमित प्रयास धीमे बहते पानी की तरह है, जो गहरे में जाता है. वही स्थाई समाधान है.

जिनको राजनीति में या भीड़ में रुचि है या फटाफट परिणाम में उनका विश्वास है, वे हमारे चक्कर में समय खराब न करें, हमें unfollow ही कर लें.

वे हमारे साथ निराश ही होंगे, क्योंकि अखबारों-चेनलों में हम ज्यादा दिखाई देंगे नहीं, गाड़ियों का काफिला हमारे साथ होगा नहीं. इसका जिनको शौक है, वे कोई छद्म अवतार या कोई राजनीति का संगठन पकड़ लें.

हमारे साथ आना है तो आँख खोलकर, समझकर आना है. हम पर अंध विश्वास करके नहीं आना है. समय समय पर जेब खर्ची भी करनी पड़ेगी आँख मींचकर साथ या पीछे आने वाले या समाज के बंटवारे से मोहित और भ्रमित लोग हमें नहीं चाहियें.

हमारा उदेश्य स्पष्ट है – RTI एवम विभिन कानूनों से जनहित और असली विकास. (प्रगति) कैसे हो, इस पर हमारा ध्यान है.

इन दिनों हम हर राज्यों/जिलो में पुराने साथियों से मिलने और नए साथियों की तलाश में घूम रहे है। साथ ही एक लीगल अम्बिट का नक्शा भी बना रहे है, जिसमें हर दस किमी में हमारे साथी मौजूद हों.

मुझे ख़ुशी है कि हमें कामयाबी मिल रही है और अब यह तय है कि वर्ष 2024 में समूचा भारत कानूनी(RTI, PC, पंचायती राज आदि एक्ट) के रंगो में रंगा हुआ होगा.

हम केवल और केवल जनहित के मुद्दों में उतरेंगे. स्थानीय मुद्दों में लोकल साथियो को परेशानी में डालने में अभी रुचि भी नहीं है और हमारे पास इतने संसाधन भी नहीं हैं.

मैंने और मेरे साथियों ने कई वर्ष बहुत कठिनाई में गुजारे हैं. पिछले कई मुद्दों/मुकदमो के झटके से अब उबरे हैं. अब हमारी टीम पूरे जोश में है. लेकिन हमें अगले पड़ाव का इन्तजार नहीं है. हमें उससे पहले महत्वपूर्ण मुद्दों पर परिणाम लाना है. यह इसलिए नहीं कि इन कामों को करने से पद मिलेंगे...पद तो उस समय की परिस्थिति और संगठन की क्षमता से मिलता है.....हमें तो अभी जनहित में काम करने का आनंद लेना है और ट्रेलर दिखाना है ।

मन से हमारा साथ दीजिये. तन और धन फिर अपने आप साथ हो जायेंगे.

महावीर पारीक,खींवज

#लीगल_अम्बिट

सीईओ & फाउंडर

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